✳️देश संकट में✳️


भारत को पवित्र देश माना जाता है देवी देवताओं को बहोत महत्व दिया जाता है।लेकिन आज के समय मे भारत ही नही बल्कि पूरा देश महामारी से लड़ रहा है।बीमारिया फेलती जा रही है।


लोग घरों में कैद

पहले इंसान जानवरो को पिंजरों में कैद किया करते थे लेकिन कोरोना की वजह से आज जानवर आजाद घूम रहे है और इंसान घरो में बंद है। कोरोना कुदरत के लिए अच्छा बना और इंसानों के लिए बुरा। हालात खराब हो गए है। सोशल डिस्टनसिंग की कही पर पालना की जा रही है कहि पर नही। इससे लोगो की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।


गरीबों की मदद

बहुत से लोग गरीबो की मदद के लिए आगे आये है।गरीबो को राशन बाटा गया खाना दिया गया।फ्री मश्क बाटे गए।फ्री सब्जियां दी गयी। लोगो को अपने घर भीजवाया गया।





गेर सरकारी संस्थाओं ने की मदद

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि चार अप्रैल को गठित 'हैप्पी टू हेल्प' कार्य बल पुलिस और स्थानीय गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की मदद से करीब 90 बुजुर्ग परिवारों तक पहुंचा है. इसने उन्हें भोजन, दवा और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई है।


कैसे होगा सुधार

भारत को हमेशा से ही एक भगति के लिए जाना जाता है। बीमारियों से लड़ने के लिए हमें भी भगति करना जरूरी है। भगति से ही मानव का कल्याण होता है।संत रामपाल जी के अनुयायियों ने लोगो को रहने की जगह दी फ्री खाना खिलाया गया व राशन बाटा गया। संत रामपाल जी महाराज जी की कृपा से भगतो ने जाम कर सेवा की। जो संत लोगो के नशे छुड़ाते है,अभी तक हजारो दहेज मुक्त शादिया कराई,हमेशा लोगो का भला किया सरकार ने उस संत को जेल में दाल दिया। सैट भगति बताना गलत नही।आज के समय मे सब अपना अच्छा बुरा जानते है पढा लिखा समाज है अपने सत गर्न्थो के अनुसार भगती कर के लाभ उठा रहे है।संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेने से ही लोगो की लाइलाज बीमारी भी खत्म हो रही है।





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