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Showing posts from June, 2020
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✳️ नानक देव जी की कथा ✳️ आदरणीय नानक देव जी पश्चिम पाकिस्तान गाव तलवंडी पिता का नाम कालू राम मेहता(अरोरा) के घर जन्म हुआ। नानक देव जी के पिता जी पेशे से पटवारी थे। नानक देव जी बहुत पूण्य आत्मा थी सत गर्न्थो में उनके दो पिछले जन्मों के बारे में भी जानकारी दी गयी है। सतयुग में नानक देव जी की आत्मा राजा अम्बरीष थे,त्रेतायुग में राजा जनक थे। नानक देव जी एक सुल्तानपुर के एक नवाब के घर नोकर लगे। श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 4 श्लोक 32 में कहा है कि वह परमात्मा स्वम आकर ही वो ज्ञान बताता है।उस तत्वज्ञान को समझने के बाद गीता अध्याय 7 श्लोक 29 में कहा है कि जो व्यक्ति मेरे इस ज्ञान को समझ लेता है। नानक देव जी को जिंदा बाबा के रूप में कबीर देव मिले नानक साहेब जी की बहन नानकी का विवाह सुल्तानपुर में हुआ उनके पति का नाम जय राम जी थे।उन्होंने नानक जी सुल्तानपुर के एक नवाब के घर नोकरी दिलाई नानक जी वही रहने लगे और उनके दो पुत्र हुए लख्मी चंद ओर श्री चंद। सुल्तानपुर के वह बेई नदी थी सब नगर वासी वही स्नान करने जाते थे।प्रतिदिन नानक साहेब जी भी वही नहाने जाते थे।बेई नदी के वह उन्हे जिं...
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यीशु जी भगवान नही थे यीशु जी की मृतु हुई थी। वह भगवान को चाहने वाली आत्मा थी। भगवान नही थे। भगवान की मृतु नही होती।कबीर भगवान अमर पुरुष है जिन्होंने सृष्टि की रचना की। परमेश्वर ने छः दिन में सर्व सृष्टी की उत्पत्ति की तथा सातवें दिन विश्राम किया। पवित्र बाईबल ने सिद्ध कर दिया कि परमात्मा मानव सदृश शरीर में है, जिसने छः दिन में सर्व सृष्टी की रचना की तथा फिर विश्राम किया। उत्पति विषय में लिखा है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया। इससे सिद्ध है कि प्रभु भी मनुष्य जैसे शरीर युक्त है तथा छः दिन में सृष्टी रचना करके सातवें दिन तख्त पर जा विराजा। अधिक जानकारी के लिए मंगाए पुस्तक “ज्ञान गंगा” व “जीने की राह” पुस्तक मांगने के लिए हमे अपना नाम,पता व फ़ोन न. व्हाट्सएप करे:- Whatsapp No. 7496801825 विजिट करे:- www.jagatgururampalji.org