रोगों का नाश

❇️सत भगति से रोगों का नाश❇️


आज के समय मे सब अपने काम को जड़ महत्व देते है।किसी के पास समय नही है सत्संग सुनने का,सब का यही मानना होता है के सत्संग में बूढ़े लोग जाते है। भगति करने का कोई समय नही होता। मोत ये नही देखती के कोई बूढ़ा है या कोई जवान। हम सब के लिए भगति करना जरूरी होता है ताकि हम भगवान को न भूले। पर आज के समय मे लोगो के मन मे पाप,बुरी आदतें,नाशा करना यही सब बढ़ता जा रहा है कोई कोई भगति करना चाहता है तो संत नकली मिल जाते है जो नाश कर देते है हमारे सैट गर्न्थो में बताया है कि उस तत्व दर्शी संत की शरण मे जाने से हमारा जीवन सफल होगा।

महामारी

अब पाप के साथ साथ बीमारिया भी बढ़ती जा रही है महामारी फेल रही है।
कोरोना जैसी महामारी का बहुत समय तक तो इलाज भी करना मुश्किल हो गया था। जहाँ लोग नए साल की शुभकामनाएं दी रहे थे उन्हें क्या पता था इस साल ऐसी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। इंसान हमेशा अपने भविष्य की सोचता है। लेकिन वह ये भूल जाता है के यह काल का लोक है यह एक पल की भी खबर नही रहती कब क्या हो जाये। और लोग आगे की सोचते है जब कि ये भी पता नही होता था के तोड़ी देर में क्या हो जाये। अभी तक कोरोना वायरस से पूरे देश भर में 258,343 लोगो की मौत हो चुकी है।
Corid-19 (कोरोना वायरस) जैसी बीमारी को तत्वदर्शी संत ही खत्म कर सकता है।



भगवान को हमेशा मुशीबत के समय याद करते है। भगवान की शास्त्र अनुसार भगति नही करते है। बुराइया बढ़ती जा रही है।लोगो के मन मे पाप बढ़ते जा रहे है।

संत की शरण लेना

 पूर्ण संत के सत्संग सुनने से विचारों में शुद्धता आती है और बुराइयां जड़ से खत्म हो जाती हैं।पूर्ण संत का सत्संग सुनना अति आवश्यक है।
जिस काया को रोग मुक्त कराने के लिए मानव अपनी संपत्ति को भी बेच कर उपचार कराता है। वह काया भी उसके साथ नहीं जाएगी। माया तो दूर की बात है। ऐसी जानकारी केवल पूर्ण गुरु के सत्संग के माध्यम से ही प्राप्त होती है। यजुर्वेद 5:32 में प्रमाण दिया है कबीर परमात्मा सबका मालिक है, वही पाप का शत्रु है, पाप विनाशक है। वह सतलोक(अमर लोक)
में रहता है जिसने 6 दिन में शिरिष्टि रची व 7वे दिन तख्त पर जा विराजा।
सतलोक में एक तत्व का बना नूरी शरीर है। उसमें कोई रोग या बीमारी नहीं होती। इस लोक की काया नाश्वान है। इसमें मनुष्य को सत्तर रोग लगे रहते हैं।

तत्व दर्शी संत की शरण लेने से कोरोना जैसी बीमारियों का इजाल नाम दीक्षा लेने से ही खत्म हो जाता है। कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी भी संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेने मात्र से ठीक हो जाती है।
प्रमाण के साथ देखे:-
https://youtu.be/zBCXWlpvZf0

✨देखे साधना tv शाम 7:30 से 8:30 तक।

✳️अधिक जानकारी पाने के लिए विजिट करे


➡️ www.jagatgururampalji.org


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